Wednesday, 22 August 2018
हिन्दी भाषा - इन्दौर , दिनांक 18 अगस्त 2018
http://hindibhashaa.com/%E0%A4%B6%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%82%E0%A4%B2%E0%A4%BF/


वो चले गए,
ऐसे ही नहीं
बहुत कुछ करके,
देश का नाम
विश्व पटल पर,
अंकित करके।
वो दे गए,
हमें एक आदर्श
जीवन को जीने का,
कैसे की जाए
सार्वभौम राजनीति,
कि विपक्ष भी हो गया उनका।
लड़े वो,
काल से कपाल से
जीते वो हर हाल में,
हार कभी मानी नहीं
बनाया उन्होंने स्थान,
हर शख्स के दिल में।
लड़े वो मौत से,
मौन रहकर
पूरे साहस के साथ,
लंबे जीवन ने,
आखिर थाम लिया
छोटी-सी मौत का हाथ।
चलना होगा हमें,
सब-कुछ भूल
उनके बताए आदर्श पर,
तभी रख पाएंगे हम
उनके नाम को,
अमर अटल इस धरा परll
युवाप्रवर्तक - इटारसी, दिनांक 17 अगस्त 2018
http://yuvapravartak.com/?p=805#comment-372
शब्दाजंलि
वो चले गए
ऐसे ही नहीं
बहुत कुछ करके
देश का नाम
विश्वपटल पर
अंकित करके ।
ऐसे ही नहीं
बहुत कुछ करके
देश का नाम
विश्वपटल पर
अंकित करके ।
वो दे गए
हमें एक आदर्श
जीवन को जीने का,
कैसे की जाए
सार्वभौम राजनीति
कि विपक्ष भी हो गया उनका ।
हमें एक आदर्श
जीवन को जीने का,
कैसे की जाए
सार्वभौम राजनीति
कि विपक्ष भी हो गया उनका ।
लड़े वो
काल से कपाल से
जीते वो हर हाल में,
हार कभी मानी नहीं
बनाया उन्होंने स्थान
हर शख्स के दिल में ।
काल से कपाल से
जीते वो हर हाल में,
हार कभी मानी नहीं
बनाया उन्होंने स्थान
हर शख्स के दिल में ।
लड़े वो मौत से
मौन रह कर
पूरे साहस के साथ,
लंबे जीवन ने
आखिर थाम लिया
छोटी सी मौत का हाथ ।
मौन रह कर
पूरे साहस के साथ,
लंबे जीवन ने
आखिर थाम लिया
छोटी सी मौत का हाथ ।
चलना होगा हमें
सब कुछ भूल
उनके बताए आदर्श पर
तभी रख पाएंगे हम
उनके नाम को
अमर अटल इस धरा पर ।
सब कुछ भूल
उनके बताए आदर्श पर
तभी रख पाएंगे हम
उनके नाम को
अमर अटल इस धरा पर ।
@ देवेंद्रसिंह सिसौदिया ,
इंदौर।
इंदौर।
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